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शुक्रवार, 27 अप्रैल 2018

किसान गेंहू के बचे हुए अवशेषो को ना जलाये-ये एक अपराध है 

फसलों के अवशेष, फाने, ठूंठ जलाने से भूमि में नाईट्रोजन की कमी हो जाती है जिससे उत्पादन घटता है। भूमि के मित्र कीट मर जाने से अगली फसल में कीटों व रोगों का प्रकोप बढ जाता है। जमीन के लिए जरूरी माइक्रोन्यूट्रिइन्टस नष्ट हो जाते हैं। भूमि की उपजाऊ शक्ति में कमी आ जाती है। वायु में प्रदूषण फैलता है, जिससे लोगों की सेहत जैसे कि फैफडों और दिल की बिमारी का खतरा पैदा होता है। इसके अतिरिक्त पड़ोस के खेतों में आग लगने का खतरा बना रहता है। गेंहू के अवशेष जलाने से भूसा व गेंहू की हानि होती है जबकि स्ट्रारिपर से बचे हुए अवशेषो से पशुओं के लिए भूसा बनाया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि वायु प्रदूषण अधिनियम के तहत फसलों के बचे हुए अवशेष, फाने, ठूंठ को जलाना प्रदेश में प्रतिबंधित है। एवं दंडनीय अपराध है। उक्त वायु प्रदूषण अधिनियम की अवहेलना करने पर दोषी के विरूध सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

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